Thursday, 9 June 2016

Guzarish..











गुजारिश है तुझसे कभी किसी का दिल न दुखाना.
कोई मुश्किल हो राहों में तो उसे दूर करना ,
न मिले कुछ तुम्हे तो उसे अहंकार बना कर खुद पे हावी न होने देना ,
ज़िन्दगी उतार चढ़ाव का नाम है,
कभी धूप तो कभी छाँव है .
इसका मतलब ये भी नहीं कि तू हर वक़्त समझौते करता रहे .
ज़रूरत पड़ने पे हक़ के लिए लड़ना भी होगा तुझे,
बंदिशे तोड़ दुनिया को साबित करना भी होगा तुझे.
ग़म से रिश्ता जोड़ना तो कोई नहीं चाहता ,
पर खुशिया मिलने पे ग़म से रिश्ता तोडना भी नहीं .
भूल मत जाना जीवन के पहिये है ये ,
सिक्के के दो पहलु है ये .
भूल भी जाना ग़म को तो उन्हें न भूलना
जो साथ थे तेरे ग़म के सागर में.
तू भी कभी किसी का एहसान मत भूलना
खुशियों में नहीं तो ग़म में हर किसी का साथ देना.
कोई याद रखे न रखे तुझे पर तेरे अच्छे कर्म सभी याद रखेंगे
तुझे दिमाग से नीकाल भी दे पर दिल से कभी नहीं निकालेंगे.
कोई कितनी भी खता करे , कोई कितना भी बड़ा गुनाह कर दे,
तू माफ़ उसे हमेशा करना .
माफ़ी का मतलब ये नहीं कि तू छोटा हो जायेगा
 माफ़ी देकर तुझे भी ज़िन्दगी का एक अनुभव हो जायेगा.
चेहरों की हर रंगत से तेरा सामना हो जायेगा.
माफ़ कर ज़िन्दगी में शामिल ज़रूर करना उन्हें
पर दूबारा विश्वास करने की भूल मत कर बैठना .
सच्चे होंगे तो बात को समझ कर साथ आ जायेंगे
और नियत में छलना होगा. तो तुझे फिर कोई फर्क नहीं पड़ेगा.
तुझे पता है ज़िन्दगी का फलसफा क्या है.
निस्वार्थ और बिना किसी से उम्मीद लगाये जीना ,
स्वार्थ आ भी जाये तो कोई मुश्किल नहीं,
स्वार्थ तो चीजों को चाहना सिखाता है.
पर उम्मीद कभी किसी से नहीं लगाना
जो पाना है खुद को काबिल कर हासिल करना 
कामयाबी की चाहत में काबिलियत को मत भूल जाना
गुजारिश है तुझसे कभी किसी का दिल न दुखाना.


By …
Khushi(kusum)