Sunday, 8 March 2015

Ek mulakaat or kuch baat...Rajsi Swaroop

एक मुलाकात और कुछ प्यारी सी हुए बात चुलबुली, शरारती, बातूनी, नटखट और समझदार राजसी स्वरुप से। 11 अप्रैल 1994 में नवाबों के शहर लखनऊ में जन्म लेने वाली राजसी अपने नाम की तरह अपनी ज़िन्दगी जीने में भरोसा रखती है। "राजसी " यानी की शाही ठाठ बाट। राजसी से बात करके उन्हें जानने का मौका मिला और बहुत सी अच्छी और खट्टी मीठी बातों का पता चला।  आइये आप भी इनका हिस्सा बनिए हाज़िर है आपके सामने छोटी सी  कोशिश राजसी की ज़िन्दगी को समझने की.

 राजसी अपने बारे में कुछ बताइये ?
कुसुम मै बहुत ही बिंदास और स्ट्रैट फॉरवर्ड  लड़की हु. मैं जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशंस,( लखनऊ यूनिवर्सिटी ) की   पोस्ट ग्रेजुएशन की  छात्रा हु. मेरा  छोटा सा परिवार है जिसमे मेरे पिता माता  बड़े भाई             और  मैं हु।
राजसी आपने  अपनी स्कूल की पढ़ाई कहाँ  से की है ?
(मुस्कुरा कर) वैसे तो मैंने किसी एक स्कूल से अपनी पढ़ाई नहीं की है मेरे कई  सारे स्कूल बदले  है. हम पहले लखनऊ में किराये पे रहते थे तो उस दौरान हमने के किराये के माकन बदले। तो स्कूल के आने जाने का खर्च और समय को थोड़ा सा व्यवस्थित करने के लिए मैंने पास के ही स्कूल में एडमिशन लिया।

अच्छा तो कितने स्कूल बदले है अपने ?
नर्सरी से बारह्वी तक में चार। नर्सरी से कक्षा २ तक st. teresa , कक्षा 3 से 5 happy  hours , 6  से 10 baby  martin , 11 से 12th st joseph . और ग्रेजुएशन मैंने ramadheen singh girls degree college से B.Com किया है।

फ्रेंड्स या फ्रेंडशिप में भरोसा रखती है ? कितने  फ्रेंड्स है आपके?
हाँ  मैं फ्रेंडशिप और फ्रेंड्स सभी में भरोसा रखती हु।  यहाँ तक की मेरी बचपन की चार दोस्त है जो मेरी आज भी काफी अच्छी दोस्त है। जो है दीपिका प्रीती शहनाज़ और  ज़ोया।  यह फ्रेंड्स मेरी ऐसी है जो मेरे लिए कुछ भी कर सकती है और मैं  इनके लिए। ये  ज़िन्दगी  का हिस्सा ही नहीं ज़िन्दगी है।

 ज़िन्दगी के किस मोड़ पे आपको ऐसा लगा कि दोस्त आपकी ज़िन्दगी का हिस्सा नहीं ज़िन्दगी है?
कोई ऐसा किस्सा जो आप बताना चाहे?
जी ज़रूर! हुआ यूँ था कि  जब मैंने अपनी स्कूलिंग कम्पलीट करी और दूसरे कॉलेज में एडमिशन लिया तो स्कूल फ्रेंड्स से मैं  काफी कटने लगी। और नयी नयी कॉलेज की दुनिया में रहने लगी. मुझे लगता ता कि  अब कॉलेज के ही फ्रेंड्स मेरे फ्रेंड्स है। पर मैं ये भूल गए थी की कॉलेज में बहुत ही काम ऐसे लोग मिलते है जो भरोसे के लायक होते है। मुझे काफी मतलबी लोग मिले थे जो सिर्फ अपना काम निकलवाना जानते थे।  बुरा लगा जब जाना फिर काफी उदास भी रहने लगी थी. फिर मेरी यह फ्रेंड्स मुझसे मिली, मुझे होसला दिलाया, समझाया और फिर मै वापस से इनसे जुड़ गयी. फिर एहसास हुआ सच्चे फ्रेंड्स ही होते है जो कैसे भी किसी भी तरह हमे पाकर रहते है.

कोई ज़िन्दगी में शामिल ऐसा शख्स जो आपके दिल के बहुत करीब हो? जिनके साथ  आप हमेशा  रहना चाहती हो भविष्य देखती हो जिनमे अपना?
नही. फिलहाल तो नहीं।  पर तलाश है। तलाश पूरी होने पे आपको जरूर बताउंगी।

अच्छा राजसी अपने जैसा बताया की अपने B .com  किया है. फिर अपने जौनलिस्म एंड मास  कम्युनिकेशंस क्यू चुना? 
दरअसल कुसुम मुझे ज्यादा आईडिया नहीं ता इस कोर्स के बारे में और न ही मेरे पेरेंट्स को मैंने लखनऊ यूनिवर्सिटी का मेरिट देखा और अपना मेरिट देखा तो मुझे ये लगा की मेरा इसमें सिलेक्शन मुश्किल है. तो मैंने फॉर्म ही नहीं डाला और b.com का फॉर्म दाल के ग्रेजुएशन पूरा कर लिया. उस्ले बाद मुझे पता चला की लखनऊ यूनिवर्सिटी में सिर्फ पोस्ट ग्रेजुएशन  होते है इसमें और बैचलर कोर्स एफिलिएटेड कॉलेज  में होते है. अफ़सोस तो हुआ पर फिर मास्टर्स इसी में करने को ठान  ली।

आपकी सोशल लाइफ कैसी है ? 
सोशल लाइफ मेरी बहुत अच्छी है लोगों से मिलना जुलना उनसे बात करना मुझे पसंद है. फिर चाहे वो रियल ज़िन्दगी हो या वर्चुअल।
मैं  अपना काफी समय सोशल नेटवर्किंग साइट्स को देती हु।  ट्विटर पे ज्यादा समय देती हु.  फेसबुक और ब्लॉग पे भी अक्सर एक्टिव रहती हु.

सोशल एक्टिविटीज में आप मानती है? अगर आपको मौका मिले किसी NGO  से जुड़ने का तो आप किससे  जुड़ना पसंद करेंगी?
जी मुझे सोशल एक्टिविटीज़ में काफी दिलजस्पि है. असल में मैंने एक NGO   के बारे में पता भी लगाया है जो बेटियों के सुरक्षा के लिए मुहीम चलाती है. जो नन्ही बेटियों को जन्म देकर लावारिस छोड़ देती है उन्हें आसरा  देने का। मैं  इनसे ज़रूर जुड़ना चाहूंगी।

आप अपना कर्रिएर किस्मे बनाना चाहती है? मैंने ये सुना था की आप R J बनना चाहती है कहा तक सही है ये?
मैं  स्पोर्ट्स प्रेसेंटर बनना चाहती हु.  मुझे स्पोर्ट्स में काफी इंटरेस्ट है. चाहे वो कोई भी हो. हाँ मैंने ये सोचा था कि मैं  R J  बनूँगी पर बनती उससे पहले ही मेरी आँख   खुल गई की R J की की सिर्फ पॉपुलैरिटी ही होती है पास उनके असली जीवन के बारे में कोई जल्दी नहीं जान पता की उन्हें कितनी कमाई होती है. जो की बहुत काम होती है।  तो मैंने R J बनने का ख्वाब अपने ख्यालों से निकाल  दिया।

आपको अपने कंट्री का बेस्ट पार्ट क्या लगता है ? और वह क्या है जो आप चेंज करना चाहेंगी ?
मुझे अपनी कंट्री आर्मी अच्छी लगती है. अगर मुझे मौका मुले उनसे जुड़ने का तो मैं जरूर जुड़ना चाहूंगी उनसे। और जो मुझे चेंज करना है अपनी कंट्री में वह है एजुकेशन सिस्टम में। जो तरह तरह के बोर्ड्स होते है सीबीएसई ICSE उप्र  बोर्ड ये सब. मई एक ही बोर्ड लाना चाहूंगी जिसमे बच्चे अपने मर्ज़ी से अपने विषयों को चुन  कर पढ़ाई कर सकते है. अपनी मर्ज़ी के मुताबिक न साइंस न कॉमर्स न आर्ट्स जैसा  कोई स्ट्रीम।

राजसी अगर आप एक दिन के लिए अदृष्य होगयी तोह वह कौन  सी चीज़े है जो आप करना चाहेंगी?
अपने कंट्री और खुद के लिए।
(मुस्कुराते हुए ) अगर मुझे ऐसा अवसर मिला तो मई देश के सारे दुश्मनो को बम से उड़ा  दूंगी।
और मैं हृतिक  रोशन की बहुत बड़ी फैन हु तो मैं उसके हर समय आस पास रहके उसे देखना चाहूंगी।  बस इतना सा ख्वाब है.

राजसी आपके पेरेंट्स अगर आपसे अभी चाहे की आप शादी कर ले तोह आप क्या करनेंगी?
मैं आपको ये बताना जरूर चाहूंगी की मेरे ज़िन्दगी में ये मोड़ आ चूका है जब मई ग्रेजुएशन के 2nd ईयर में थी तभी मेरे माँ बाप चाहते थे की मई शादी कर लू.पर मैंने साफ़ साफ़ इंकार कर दिया कि मुझे कर्रिएर में कुछ करना है. शादी नहीं करनी अभी।

लाइफ में ऐसा मोड़ आये  जब आपकी शादी हो चुकी हो और आपका एक बेबी हो और आपके अपने बच्चे और कर्रिएर में से किसी एक को चुनना पड़े क्यूंकि  आपका बच्चा छोटा है। तो क्या करेंगी आप?

जी मैं अपने कर्रिएर से ब्रेक लेना जरुरी समझूंगी।  क्यूंकि मेरे बच्चे को मेरी उस वक़्त सबसे ज्यादा ज़रूरत होगी. और अगर मैंने ऐसा न किया तो मैं किसी चीज़ में अच्छी साबित नहीं हो सकूंगी. और अगर मुझमे वो कैलिबर है तो जॉब तो फिर से अजाएगी.

और अगर उसके बाद आपके हस्बैंड आपको  जॉब न करने दे तो?
मैं ऐसे इंसान से शादी ही नहीं करना चाहूंगी। और फिर भी वो ऐसा निकला तो मैं  उससे अलग होना चहुंगी.

किस तरह को आप परवरिश अपने बच्चे को देना चाहेंगी आज के बदलते जनरेशन में  ?
मई अपने बच्चे से कम्युनिकेशन अच्छा रखना चाहूंगी।  ताकि कल को कुछ भी हो मरा बच्चा मुझे हर एक चीज बता सके.

कोई ऐसी बात है बचपन से की जिसे आप आज भी सोच के है पड़ती है?
जी. जब मेरा एडमिशन होना  था  नर्सरी में तो मेरे मम्मी पापा ने मुझे अपने नाम और सब  कुछ सीखा के भेजा थ. जब टीचर ने मुझसे पूछा की आपके मम्मी का नाम क्या है तो मैंने बोला की कल बताउंगी पापा का पूछा तो फिर यही बोला मैने. फिर टीचर ने मुझे एडमिट करते हुए बोला की ठीक है कल बताना।

जाते जाते एक थॉट बताइये जो आप फॉलो करती है?
ज़िन्दगी में कभी झूट न बोलना....


















 



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